व्यापारियों ने कहा—डिजिटल लेनदेन को शुल्कमुक्त रखा जाए, आदेश वापस नहीं हुआ तो बढ़ सकता है नकदी लेनदेन
बदायूँ, 7 अक्टूबर। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर मर्चेंट व्यापारियों से यूपीआई ट्रांजेक्शन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के विरोध में बुधवार को व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू के नेतृत्व में व्यापारियों के शिष्टमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी बदायूँ के माध्यम से एसडीएम न्यायिक सुरेंद्र कुमार को प्रेषित किया।
जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने कहा कि व्यापारी पहले से ही विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में मर्चेंट यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर शुल्क लगाए जाने से व्यापार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे बाजार की गति प्रभावित होने के साथ नकदी लेनदेन को बढ़ावा मिलने की आशंका है। व्यापारियों ने मांग की कि यूपीआई ट्रांजेक्शन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क वापस लेने के आदेश जारी किए जाएं।
प्रदेश मंत्री अवधेश वर्मा ने कहा कि देश के व्यापारियों ने डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छोटे से छोटे दुकानदार ने भी यूपीआई को अपनाया है। ऐसे में शुल्क लगाए जाने से व्यापारी और ग्राहक दोनों नकद लेनदेन की ओर लौट सकते हैं।
जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने कहा कि जब व्यापार का बड़ा हिस्सा डिजिटल लेनदेन पर निर्भर हो चुका है, तब यूपीआई पर एमडीआर शुल्क लगाने का निर्णय व्यापारियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यापारी समाज इसका विरोध करेगा।
जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा ने कहा कि यूपीआई पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापार जगत के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। वहीं, नगर महामंत्री संजय रस्तोगी ने सरकार से डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित और शुल्कमुक्त बनाए रखने की मांग की, ताकि छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े।
प्रदर्शन के दौरान जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी, जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा, दीपक वर्मा, विनय गुप्ता, नगर चेयरमैन दिनेश गुप्ता, नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, नगर महामंत्री संजय रस्तोगी, कुलदीप वैश्य, सुरेंद्र नानक, जिलाध्यक्ष उद्योग मंच सर्वेश गुप्ता सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

