बदायूँ के HP इंटरनेशनल स्कूल में नवरात्रि और दशहरा का पर्व बड़े ही उत्साह, भक्ति और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस खास आयोजन में बच्चों ने भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की शानदार झलक पेश की। कहीं माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की सुंदर झांकियां दिखाई दीं, तो कहीं भगवान श्रीराम की जीवनगाथा को बच्चों ने अपने अभिनय के जरिए जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का सबसे खास पल तब आया, जब विद्यालय परिसर में 30 फीट से भी अधिक ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ दुर्गा की वंदना के साथ हुई। नवरात्रि की पारंपरिक वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों ने माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकियां प्रस्तुत कीं। बच्चों की सुंदर वेशभूषा और शानदार प्रस्तुति ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
इसके बाद विद्यार्थियों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया। बच्चों ने भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को अपने अभिनय के माध्यम से दिखाया। इसमें श्रीराम की शिक्षा, राम-विवाह, वनवास, माता सीता का हरण, जटायु और रावण का युद्ध, रामसेतु का निर्माण, रावण वध और अंत में श्रीराम के अयोध्या लौटने जैसे प्रसंग शामिल रहे। एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रामायण की कथा से जोड़ दिया। बच्चों के अभिनय और मेहनत की सभी ने सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान ‘राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी’ गीत की मधुर प्रस्तुति ने भी सभी का मन मोह लिया। इस प्रस्तुति ने माहौल को भावुक और भक्तिमय बना दिया। बच्चों ने अपनी प्रतिभा के जरिए यह दिखाया कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों की जानकारी देना भी कितना महत्वपूर्ण है।
इस आयोजन में HP इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंध निदेशक शिवम पटेल, निर्देशिका सेजल पटेल, HP इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन के निदेशक रजत पटेल, निर्देशिका शिवानी पटेल, प्रधानाचार्य सुनील साहनी, उप प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता और हेड मिस्ट्रेस निशा सिंगल सहित विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को सराहा और इस आयोजन को बच्चों के लिए सीखने का एक अच्छा अवसर बताया।
कार्यक्रम का सबसे रोमांचक पल रावण दहन का रहा। विद्यालय परिसर में 30 फीट से भी अधिक ऊंचे रावण के पुतले को प्रबंध निदेशक शिवम पटेल ने दहन किया। जैसे ही रावण का पुतला जला, वहां मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इस दौरान बच्चों में खास उत्साह देखने को मिला। रावण दहन के जरिए विद्यार्थियों को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।

दशहरा केवल रावण का पुतला जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें अपने जीवन की बुराइयों को दूर करने की सीख भी देता है। रावण बहुत ज्ञानी और शक्तिशाली था, लेकिन उसका अहंकार और गलत काम उसके विनाश का कारण बने। इसीलिए यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में ज्ञान और शक्ति के साथ विनम्रता, अच्छे व्यवहार और सच्चाई का होना भी जरूरी है। अंत में जीत हमेशा सत्य और अच्छाई की ही होती है।
HP इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, माँ दुर्गा की शक्ति और भारतीय संस्कृति के महत्व से परिचित कराना था। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी देते हैं। साथ ही, बच्चों को अपनी परंपराओं से जुड़ने और जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

कुल मिलाकर, HP इंटरनेशनल स्कूल का नवरात्रि और दशहरा उत्सव भक्ति, संस्कृति और बच्चों की प्रतिभा का सुंदर संगम रहा। माँ दुर्गा की झांकियों से लेकर रामायण के प्रसंगों और विशाल रावण दहन तक, हर गतिविधि ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
अब आप बताइए, आपको इस आयोजन में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकियां ज्यादा पसंद आईं या भगवान श्रीराम की जीवनगाथा और विशाल रावण दहन? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

