बदायूँ में माता रानी के जयकारों, भक्ति गीतों की मधुर गूंज, अर्धरात्रि जागरण की आध्यात्मिक अनुभूति और डांडिया महोत्सव के रंगों से बदायूँ में एक भव्य धार्मिक आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को विद्या कृष्ण नगर कॉलोनी स्थित पक्का लाल राजमहल गार्डन में माता रानी की भजन संध्या, अर्धरात्रि जागरण एवं डांडिया महोत्सव का कार्यक्रम निर्धारित किया गया। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ समाज के लोगों को भक्ति, संस्कृति और आपसी सौहार्द के सूत्र में जोड़ना है।
इस धार्मिक आयोजन में केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव गुप्ता, बदायूँ विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य और शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य सहित अनेक गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया। इसके साथ ही बदायूँ के अग्निशमन अधिकारी तथा भारत विकास परिषद की गौरी शंकर शाखा के पदाधिकारियों और सदस्यों को भी आयोजन से जोड़ने की योजना रही। हालांकि, आमंत्रित अतिथियों की वास्तविक उपस्थिति की पुष्टि कार्यक्रम की तस्वीरों और आयोजकों से प्राप्त जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजकों में हरिकृष्ण वर्मा और बालकृष्ण वर्मा के नाम शामिल हैं। आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले लोगों में डीके पत, डॉ. रुचि गुप्ता, डॉ. वागीश बासनी, भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा बदायूँ के प्रबंधक पीयूष वर्मा, गोपी कृष्ण, राहुल रस्तोगी, संदीप रस्तोगी, नितिन वैश्य, गजेंद्र वैश्य, राजीव सक्सेना, सौरभ गुप्ता, सुनील नारंग, संजीव वर्मा, सुशील गुप्ता, संजीव सिंह, निशांत वैश्य और मोहित गुप्ता के नाम शामिल हैं।
आयोजन में भजन संध्या के माध्यम से माता रानी की महिमा का गुणगान, अर्धरात्रि जागरण के जरिए आध्यात्मिक वातावरण और डांडिया महोत्सव के माध्यम से भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत करने की योजना रही। ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा देते हैं, बल्कि परिवारों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ आने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
माता रानी के प्रति श्रद्धा और सामूहिक सहभागिता को समर्पित यह आयोजन बदायूँ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब आयोजन की वास्तविक तस्वीरों, कार्यक्रम की गतिविधियों और अतिथियों की उपस्थिति के विवरण के आधार पर इसकी विस्तृत झलक सामने लाई जा सकती है।

