बदायूं। जरीफनगर थाना क्षेत्र के कादरचौक में हरिओम की मौत के बाद हुए बवाल और पुलिस पर हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो लोहे के सरिये, एक लोहे का पाइप, एक प्लास्टिक की पेट्रोल की बोतल और एक डंडा बरामद किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, 12/13 जुलाई की रात रास्ते में वाहन खड़ा करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था, जिसमें घायल हुए हरिओम की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पहले ही छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके बाद पोस्टमार्टम के उपरांत कुछ लोगों ने शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर नाधा चौकी के सामने सहसवान-नाधा मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे करीब पांच घंटे तक यातायात बाधित रहा और एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
पुलिस का आरोप है कि समझाने के बावजूद कुछ उपद्रवियों ने पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया और ट्रॉली से सरिये, पाइप व डंडे निकालकर पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान पथराव भी हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। साथ ही सरकारी वाहन और नाधा चौकी में तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने यह भी दावा किया कि एक व्यक्ति के आत्मदाह के प्रयास को समय रहते विफल कर उसकी जान बचा ली गई।
इस मामले में थाना जरीफनगर में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने मोनू सिंह (मुरादाबाद), आकाश उर्फ राकेश (संभल), विकास (मुरादाबाद), सचिन (इस्लामनगर, बदायूं) और अमित (संभल) को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

