बदायूं। दातागंज तहसील के अहमदनगर बछौरा गांव में गंगा नदी का कटान हर गुजरते दिन के साथ भयावह होता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि गांव का प्राथमिक विद्यालय भी अब गंगा की जद में आने की आशंका से घिर गया है। हजारों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा चुकी है और कटान की रफ्तार ने ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत और आशियाने दोनों छीन लिए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो शेष बचा गांव भी इतिहास बन सकता है।
कटान के कारण अहमदनगर बछौरा के सैकड़ों घर गंगा में समा चुके हैं। अधिकांश परिवार अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं और अब गांव में केवल आठ से दस घर ही बचे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से बाढ़ और कटान की समस्या बनी हुई है, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान के लिए धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि हर मानसून के साथ उनका भविष्य भी गंगा की धारा में बहता जा रहा है।
ग्रामीणों की इस पीड़ा को सुनने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि रामगंगा और गंगा के किनारे स्थायी तटबंध और बांध बनाए बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनसंघर्ष करेगी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को राहत दिलाने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे दातागंज क्षेत्र के भविष्य की लड़ाई है।
दौरे के दौरान ग्रामीणों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष को बताया कि हर वर्ष आने वाली बाढ़ के कारण दातागंज तहसील के सैकड़ों गांवों का सड़क संपर्क लगभग चार महीने तक पूरी तरह टूट जाता है। अहमदनगर बछौरा, गियूडी नगला, कोनका नगला, चेतराम नगला और बहटी सहित दर्जनों गांवों का बदायूं मुख्यालय से संपर्क समाप्त हो जाता है। खेतों में महीनों पानी भरा रहने से फसलें नष्ट हो जाती हैं, किसान सालभर में केवल गेहूं की एक फसल ही ले पाते हैं और बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित होती है। इससे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में भी बाढ़ और कटान की स्थायी समस्या का समाधान नहीं हो सका। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थायी समाधान विकास की पहली शर्त है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में यदि प्रदेश में इंडिया गठबंधन की सरकार बनती है तो दातागंज क्षेत्र को बाढ़ और कटान की समस्या से स्थायी राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर कांग्रेस जिला सचिव राजीव पटेल, रिटायर्ड कानूनगो सुरेंद्र सिंह, सुखवीर यादव, राजेंद्र, सुरेंद्र यादव, इसफाक, अरविंद कश्यप सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

