कोलंबो। शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर टेस्ट सीरीज की तैयारियों में जुटी है। भारत को 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इससे पहले टीम इंडिया शुक्रवार, 7 अगस्त से कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब (NCC) ग्राउंड पर श्रीलंका इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी। हालांकि, मैच से पहले पिच पर छोड़ी गई घास को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट की नाराजगी सामने आई है।
दरअसल, श्रीलंका में आमतौर पर टेस्ट पिचों से स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन अभ्यास मैच के लिए तैयार विकेट पर अपेक्षाकृत अधिक घास छोड़ी गई है। भारतीय टीम ने इस पर सवाल उठाया, जिसके बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की ओर से पिच के बचाव में अधिकारी ए. फ्रेंके सामने आए। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय मुकाबले को ध्यान में रखते हुए पिच पर घास रखना जरूरी है और भारतीय टीम पिच से पूरी तरह नाखुश नहीं थी।
ग्राउंड अधिकारी ए. फ्रेंके के अनुसार, श्रीलंका क्रिकेट ने पिच पर थोड़ी घास छोड़ने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि एनसीसी की विकेट आमतौर पर बल्लेबाजी के लिए अच्छी रहती है और यहां बड़े स्कोर देखने को मिल सकते हैं। साथ ही उन्होंने माना कि मुकाबले के दूसरे या तीसरे दिन पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार हो सकती है। फ्रेंके ने टॉस जीतने वाले कप्तान को पहले बल्लेबाजी करने की सलाह भी दी।
अभ्यास मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के घरेलू टेस्ट मुकाबलों में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को बेहतर स्पिन गेंदबाजी के सामने परेशानी का सामना करना पड़ा था। ऐसे में श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन के खिलाफ अपनी तैयारियों को मजबूत करना टीम इंडिया के लिए बड़ी चुनौती होगी। घरेलू परिस्थितियों में श्रीलंका का स्पिन आक्रमण भी काफी प्रभावी माना जाता है।
गॉल में 15 अगस्त से शुरू होने वाली पहली टेस्ट सीरीज से पहले यह तीन दिवसीय अभ्यास मैच भारतीय टीम के लिए अहम परीक्षा साबित हो सकता है। खासकर बल्लेबाज इस मुकाबले में स्पिन के खिलाफ अपनी तकनीक और धैर्य को परखना चाहेंगे। वहीं, पिच पर मौजूद घास के कारण मुकाबले में तेज गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिलती है या बाद में स्पिन का असर देखने को मिलता है, इस पर भी सभी की नजरें रहेंगी।

