नंगला हुसैनपुर और आसपास के गांवों में फसल बर्बाद, किसानों ने सर्वे कर मुआवजे की मांग उठाई
बदायूँ। जिले के नंगला हुसैनपुर और आसपास के गांवों में हुई तेज बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। खेतों में पानी भरने से कटाई के लिए तैयार उड़द की फसल बर्बाद होने लगी है और फलियां सड़ने की स्थिति में पहुंच गई हैं। अचानक हुए जलभराव से किसानों की महीनों की मेहनत और फसल पर लगाई गई लागत पर संकट खड़ा हो गया है।
किसान निर्दोष यादव, संजीव यादव, अजयपाल, शेषभान यादव और जयदयाल ने बताया कि उड़द की फसल लगभग तैयार थी और जल्द ही कटाई शुरू होने वाली थी। किसानों ने महंगे बीज, खाद और कीटनाशकों पर काफी खर्च किया था। अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों के मुताबिक अब फसल की लागत निकलना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार उड़द की फसल जलभराव के प्रति संवेदनशील होती है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से जड़ों में सड़न शुरू हो सकती है, जिससे पौधों की वृद्धि और पैदावार प्रभावित होती है।
फसल बर्बाद होने से परेशान किसानों ने जिलाधिकारी बदायूँ से तत्काल राहत की गुहार लगाई है। किसानों की मांग है कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम नंगला हुसैनपुर सहित प्रभावित गांवों के खेतों का मौके पर सर्वे करे और फसल क्षति का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा किसानों के खातों में भेजा जाए।
किसानों का कहना है कि समय पर सहायता मिलने से वे आगामी रबी सीजन में गेहूं और सरसों की फसल की तैयारी कर सकेंगे। अब किसानों की नजर प्रशासन की सर्वे कार्रवाई और राहत पर टिकी है।

