बाबा इंटरनेशनल स्कूल में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत प्रतियोगिताओं का आयोजन, 35 से अधिक छात्र-छात्राएं सम्मानित

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बिल्सी (बदायूँ)। बाबा इंटरनेशनल स्कूल, बिल्सी में 24 नवंबर 2026 को स्वच्छता ही सेवा विशेष अभियान और नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर, रंगोली, चित्रकला, स्लोगन लेखन और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे अनुज प्रताप सिंह के निर्देशन में जिला गंगा समिति और अरिहंत वृक्षारोपण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नदियों को साफ रखने के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मृगांक कुमार जैन और राहुल सोलंकी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि ट्री मैन प्रशांत जैन और गौ सेवक अमन वार्ष्णेय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि स्वच्छता केवल सरकार या किसी विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। अपने घर, विद्यालय और आसपास के वातावरण को साफ रखना तथा पानी और प्राकृतिक संसाधनों को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

भाषण प्रतियोगिता में आरोही पाल और श्रुति वार्ष्णेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पूर्वी और कृतिका दूसरे स्थान पर रहीं। पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता में आराध्या राठी ने प्रथम, नंदिनी चौहान और काव्या शर्मा ने द्वितीय तथा नंदिनी माहेश्वरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, रंगोली प्रतियोगिता में साक्षी सोलंकी, सृष्टि उपाध्याय, तान्या वार्ष्णेय और अलंकृता यादव ने प्रथम स्थान हासिल किया। यशी, आराध्या शर्मा, भूमिका और आराध्या ने द्वितीय तथा प्राची और अंशु ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों और विचारों के माध्यम से स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया।

प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जिला गंगा समिति की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान 35 से अधिक छात्र-छात्राओं को टी-शर्ट, मेडल, कैप सहित अन्य उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। इसके बाद सभी विद्यार्थियों को गंगा की स्वच्छता बनाए रखने और नदियों को प्रदूषण से बचाने की शपथ भी दिलाई गई।

विद्यालय के डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय और निदेशिका साधना वार्ष्णेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने बच्चों से अपने घर, विद्यालय और आसपास सफाई रखने तथा दूसरे लोगों को भी इसके लिए जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की आदत विकसित होने से एक स्वस्थ और बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।

विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने नमामि गंगे कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा नदी हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नदियों को स्वच्छ रखना, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना और पानी का सही उपयोग करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नदियों में कूड़ा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थ नहीं डालने तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।

अरिहंत वृक्षारोपण समिति के संस्थापक प्रशांत जैन ने विद्यार्थियों से कूड़ा हमेशा कूड़ेदान में डालने, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग कम करने, पानी की बर्बादी रोकने और अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी पर्यावरण में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर मिला। आयोजकों ने संदेश दिया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर स्वच्छता बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने का प्रयास करे, तो स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रशासक अमित माहेश्वरी, गंगा समिति के पदाधिकारी संचित सक्सेना, अरिहंत वृक्षारोपण समिति के संरक्षक मृगांक कुमार जैन, प्रिंस माहेश्वरी, राहुल सोलंकी, अमन वार्ष्णेय, सूरज सागर सहित विद्यालय के शिक्षक और अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

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