बदायूं के गंगा एक्सप्रेस-वे पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। टायर फटने से कार डिवाइडर से टकराई और 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई, लेकिन इस हादसे के बाद परिजनों ने इसे महज दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया। परिवार ने मृतक के साथ सफर कर रहे उसके साथी पर साजिश का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
यह हादसा इस्लामनगर थाना क्षेत्र के चँदोई गांव के पास गंगा एक्सप्रेस-वे पर हुआ। मृतक की पहचान आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अल्लीपुर गांव निवासी राजेश के रूप में हुई है, जो दिल्ली के जगतपुरी में रहकर सब्जी का कारोबार करता था। वह अपने गांव के ही प्रांजल के साथ दिल्ली से बदायूं स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक दोस्त से मिलने आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में अचानक कार का टायर फट गया और वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया।
हादसे में राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके साथ मौजूद प्रांजल सुरक्षित बच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और हादसे के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।
अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों ने पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए बड़ा आरोप लगाया। मृतक की मां और बहनोई का कहना है कि राजेश के चेहरे पर ऐसे कटने के निशान हैं, जो सामान्य सड़क दुर्घटना से मेल नहीं खाते। उन्होंने साथी प्रांजल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों के मुताबिक राजेश परिवार का सबसे छोटा बेटा था और दिल्ली में सब्जी बेचकर पूरे परिवार का सहारा बना हुआ था।
इस्लामनगर थाना पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल यह सवाल बरकरार है कि यह केवल एक सड़क हादसा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है।

