बदायूं। जिले के ब्लॉक म्याऊं के मरौरी गांव में महीनों से चोक पड़े नाले ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नाले की सफाई न होने के कारण गांव में जलभराव, बदबू और गंदगी का अंबार लग गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार कर्मचारी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों सर्वेश, वालकराम, छोटेलाल, अमित, दीपक और सुमित ने बताया कि नाला लंबे समय से बंद पड़ा है। उसमें जमा कीचड़ और कचरे के कारण पानी का निकास पूरी तरह रुक गया है। इससे आसपास के इलाके में गंदा पानी भर गया है और वातावरण दूषित हो गया है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह होती जा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक चोक नाले में जमा गंदगी के कारण हजारों की संख्या में मच्छर पनप रहे हैं। इससे गांव में मलेरिया, टाइफाइड और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो स्थिति स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार सफाई कर्मचारी से नाले की सफाई कराने की मांग की, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
अब ग्रामीणों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले दो से तीन दिनों के भीतर नाले की सफाई नहीं कराई गई, तो वे ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव को गंदगी और जलभराव से राहत नहीं मिलेगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

