“शिक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ भाकियू (चढ़ूनी) का बिगुल! बीएसए कार्यालय पर धरना, 7 सूत्रीय मांगों से मचा हड़कंप”

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बदायूं, 23 जुलाई। जनपद की शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, निजी स्कूलों की मनमानी और सरकारी विद्यालयों की बदहाल स्थिति को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने गुरुवार को मालवीय आवास गृह पर जोरदार एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों और संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बाद में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) तथा सिटी मजिस्ट्रेट को सात सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

धरना सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने आरोप लगाया कि जनपद में बड़ी संख्या में बिना मान्यता के विद्यालय खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर निजी स्कूल हर साल प्रवेश शुल्क, किताबें, ड्रेस, ट्यूशन, बिल्डिंग फीस और अन्य मदों के नाम पर अभिभावकों से मनमानी वसूली कर रहे हैं, जिससे आम परिवार आर्थिक बोझ तले दब रहे हैं।

भाकियू (चढ़ूनी) ने मांग की कि सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य की जाएं और निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रभावी रोक लगाई जाए। संगठन के पदाधिकारियों ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे।

धरने के दौरान इस्लामनगर ब्लॉक में तैनात सहायक अध्यापक लोकेश कुमार का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का आरोप है कि मिड-डे मील (एमडीएम) संचालन के बावजूद करीब 4.88 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। साथ ही एमडीएम और एसएमसी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई।

भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। धरना-प्रदर्शन में यारवेंद्र यादव, अमनदीप, सोनू यादव, विवेक कुमार, अंकुर सिद्धू, पीतम सिंह, अरशद खान, इरशाद खान, अनवर, शराफत खान, महेंद्र पाल, नूरुद्दीन, सर्वेश, शरीफ अब्बासी, भगवानदास सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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