इस्लामनगर क्षेत्र में शादी समारोह से एक वर्षीय मासूम के अपहरण और उसे 70 हजार रुपये में बेचने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी करते हुए कोर्ट में पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में एक निजी अस्पताल की नर्स समेत पांच आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जा चुके हैं। अब मामले की सुनवाई न्यायालय में होगी।
घटना 16 अप्रैल की रात मोनार्क फार्म हाउस में आयोजित एक शादी समारोह की है, जहां संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के सिरसा गांव निवासी भूखन प्रजापति का एक वर्षीय पुत्र सौरभ अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चला। बाद में जानकारी मिली कि एक युवती उसे अपने साथ ले गई है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस को एक स्विफ्ट डिजायर कार का नंबर मिला। इसी सुराग के आधार पर पुलिस बुलंदशहर के भोपतपुर पहुंची, जहां जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी खुशबू, जो एक निजी अस्पताल में नर्स है, बच्चे को अपने साथ लेकर गई थी। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए।
जांच के दौरान पता चला कि खुशबू बच्चे को लेकर अपने मौसा दिनेश के पास आगरा गई थी। आरोप है कि दिनेश ने अपने भाई मुकेश के साले सोनू को 70 हजार रुपये में मासूम को बेच दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने आगरा के ताजगंज क्षेत्र में दबिश देकर सोनू की पत्नी बबली और रिश्तेदार पूजा के पास से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने खुशबू, दिनेश, सोनू, बबली और पूजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस्लामनगर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पांचों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर महज 48 घंटे के भीतर मासूम को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। अब इस चर्चित मामले में न्यायालय में विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

