हिंडन नदी में हाल ही में आई बाढ़ के बाद प्रशासन अब नदी के मुहाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। सिंचाई विभाग ने सर्वे के आधार पर ऐसे 51 मकानों की सूची तैयार कर जिलाधिकारी को सौंप दी है, जो नदी के बहाव क्षेत्र और संवेदनशील बाढ़ जोन में बने बताए गए हैं। अब इन मामलों में आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को भेजी जाएगी।
सिंचाई विभाग के अनुसार, सूची में सबसे अधिक निर्माण करहेड़ा, अर्थला और कनावानी गांव के आसपास पाए गए हैं। विभाग का कहना है कि इन इलाकों में नदी के प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र में निर्माण होने से पानी के बहाव पर असर पड़ रहा है, जिससे बाढ़ के दौरान जलभराव और नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण इन निर्माणों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी स्तर पर सूची का परीक्षण कराया जा रहा है। इससे पहले किए गए एक अन्य सर्वे में भी हिंडन नदी के आसपास करीब 123 निर्माणों को चिह्नित किया गया था। अब नए सर्वे के आधार पर चिन्हित 51 मकानों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी और संबंधित विभागों से रिपोर्ट भी ली जाएगी।
सिंचाई विभाग की रिपोर्ट जिला प्रशासन से होते हुए जल्द ही जीडीए को भेजी जाएगी। इसके बाद राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी। जांच के दौरान यदि निर्माण नियमों के विपरीत या अतिक्रमण की श्रेणी में पाए जाते हैं तो संबंधित मकानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस पहल को हिंडन नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखने और भविष्य में बाढ़ के खतरे को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं, नदी किनारे अवैध निर्माण करने वालों के लिए यह कार्रवाई चेतावनी साबित हो सकती है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

