“ऑल इज़ वेल” का संदेश देने वाली फिल्म ‘3 इडियट्स’ का एक किरदार आज वास्तविक जिंदगी के एक गंभीर मुद्दे पर आवाज़ बनकर सामने आया है। फिल्म में चतुर ‘साइलेंसर’ रामलिंगम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। उनका एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है, जिसमें वे कहते हैं— “मैं नहीं चाहता कि फुनसुख वांगड़ू की मौत हो।”
यह बयान इसलिए भी खास है क्योंकि आमिर खान की फिल्म 3 इडियट्स में दिखाया गया ‘फुनसुख वांगड़ू’ का किरदार सोनम वांगचुक से ही प्रेरित माना जाता है। ओमी वैद्य ने लोगों से अपील की कि वे राजनीति से पहले इंसानियत को देखें और समझें कि आखिर वांगचुक किन मुद्दों को लेकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
17 दिनों की भूख हड़ताल, लगातार बिगड़ती सेहत
जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
आयोजकों के मुताबिक, लगातार अनशन के कारण उनका 8 से 9 किलो तक वजन कम हो चुका है, जबकि ब्लड शुगर और स्वास्थ्य के अन्य संकेतक चिंताजनक स्तर तक पहुंच गए हैं। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं, लेकिन समर्थकों की चिंता भी हर दिन बढ़ती जा रही है।
“क्या मीडिया यह दिखा भी रहा है?”
ओमी वैद्य ने अपने वीडियो में केवल समर्थन ही नहीं दिया, बल्कि मीडिया से भी सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि क्या देश के लोग इस गंभीर मुद्दे को देख और समझ भी रहे हैं, या फिर यह खबर भीड़ में कहीं दब गई है।
उन्होंने लोगों से कहा कि अपनी रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से कुछ मिनट निकालकर यह जरूर समझें कि सोनम वांगचुक किन मुद्दों के लिए इतना बड़ा त्याग कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि चाहे कोई उनकी मांगों से सहमत हो या नहीं, लेकिन किसी व्यक्ति की जान सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में ओमी वैद्य ने कहा—
“हैलो इडियट्स… पहचाना? मैं ओमी वैद्य हूं, ‘3 इडियट्स’ का चतुर। मैं आमतौर पर ऐसे वीडियो नहीं बनाता, लेकिन आज एक जरूरी बात कहना चाहता हूं। मैं नहीं चाहता कि फुनसुख वांगड़ू की मौत हो।”
उनके इस संदेश को हजारों लोग शेयर कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
मुद्दा सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं
सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा, पर्यावरण और हिमालयी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। इस बार उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े सवालों पर केंद्रित है। हालांकि, उनकी मांगों और आंदोलन को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक राय सामने आ रही हैं।
निष्कर्ष
एक फिल्म का किरदार आज वास्तविक जीवन की चिंता बन गया है। ‘साइलेंसर’ के नाम से मशहूर अभिनेता ओमी वैद्य ने इस बार किसी फिल्मी संवाद से नहीं, बल्कि एक इंसानी अपील से लोगों का ध्यान खींचा है।
अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि आंदोलन किस बात का है, बल्कि यह भी है कि क्या किसी गंभीर स्वास्थ्य संकट तक पहुंच चुके व्यक्ति की आवाज़ देश सुन पाएगा?

