उझानी (बदायूं), 15 जुलाई। सोने-चांदी की कीमतों में पिछले तीन महीनों के दौरान बड़ी गिरावट आने के बावजूद सर्राफा बाजार में नई ज्वेलरी की खरीदारी उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी है। इसके उलट ग्राहक नई खरीदारी करने के बजाय पुराने आभूषणों को नए डिजाइन में बदलवाने यानी “पलटे” के विकल्प को अधिक पसंद कर रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि कीमतें और गिरने की आशंका के कारण लोग फिलहाल निवेश से बच रहे हैं।
सर्राफा व्यापारियों के अनुसार सोना अपने उच्चतम स्तर 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से घटकर करीब 1.40 लाख रुपये तक आ गया है, जबकि चांदी का भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो से गिरकर करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलो रह गया है। बावजूद इसके बाजार में नई ज्वेलरी की मांग में खास तेजी नहीं आई है। ग्राहकों का रुझान केवल पुराने गहनों को आधुनिक डिजाइन में बदलवाने की ओर बढ़ा है।
सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष संजय कुमार मित्तल ने बताया कि बाजार में फिलहाल नई धातु की खरीद लगभग ठप है और कारोबार मुख्य रूप से पलटे के सहारे चल रहा है। वहीं शोरूम संचालक सिद्धांत गोयल का कहना है कि महंगाई और कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते लोग पुराने भारी गहनों को हल्के और ट्रेंडी डिजाइनों में बदलवा रहे हैं, जिससे उनकी लागत भी कम हो रही है।
व्यापारियों का यह भी कहना है कि आयात शुल्क बढ़ने से सोने-चांदी का आयात प्रभावित हुआ है, जबकि कीमतों में अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने भी दूरी बना ली है। हालांकि पलटे के बढ़ते कारोबार से स्थानीय कारीगरों को लगातार काम मिल रहा है, जिससे बाजार पूरी तरह ठप होने से बचा हुआ है।
कारोबारियों को अब आगामी वैवाहिक सीजन से उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि शादी-ब्याह का मौसम शुरू होने पर पलटे के साथ-साथ नई ज्वेलरी की खरीदारी भी रफ्तार पकड़ सकती है। फिलहाल सर्राफा बाजार में चमक से ज्यादा ग्राहकों की सतर्कता और बजट को प्राथमिकता देने का दौर देखने को मिल रहा है।

