अयोध्या।
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (UPSSF) के पदों को अब स्थायी किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह फैसला हाल ही में मंदिर परिसर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद लिया गया, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी स्थायी मजबूती
अब तक राम मंदिर की सुरक्षा में लगे UPSSF कर्मियों की तैनाती विशेष व्यवस्था के तहत की गई थी, लेकिन नए निर्णय के बाद इन पदों को स्थायी स्वरूप दिया जाएगा। इससे सुरक्षा बलों की जवाबदेही, प्रशिक्षण और निगरानी व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।
चढ़ावा चोरी के बाद हुई सख्त समीक्षा
हाल ही में राम मंदिर परिसर में चढ़ावे से जुड़ी चोरी की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। घटना के बाद शासन और प्रशासन ने पूरे सुरक्षा तंत्र की विस्तृत समीक्षा की और कमियों को दूर करने के लिए कई अहम सुझाव तैयार किए गए।
योगी सरकार ने दिए कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर की निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बाद स्थायी पदों की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
हाईटेक होगी सुरक्षा व्यवस्था
सूत्रों के अनुसार मंदिर परिसर में आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को भी और मजबूत किया जाएगा। हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे, अत्याधुनिक कंट्रोल रूम, फेस रिकग्निशन तकनीक और सुरक्षा उपकरणों के बेहतर समन्वय पर भी काम किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या बनी चुनौती
राम मंदिर में प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है। ऐसे में स्थायी और प्रशिक्षित सुरक्षा बल की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
UPSSF की भूमिका होगी और अहम
UPSSF को प्रदेश के संवेदनशील धार्मिक स्थलों, न्यायालयों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए गठित किया गया था। अब राम मंदिर में स्थायी तैनाती मिलने से इस बल की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाएगी।
सुरक्षा के साथ पारदर्शिता पर भी जोर
सरकार का उद्देश्य केवल सुरक्षा बढ़ाना ही नहीं, बल्कि चढ़ावे, श्रद्धालुओं की आवाजाही और मंदिर परिसर की निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी है। इसके लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और नियमित सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं में फैसले का स्वागत
राम भक्तों और स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश की आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल राम मंदिर की सुरक्षा किसी भी कीमत पर मजबूत रहनी चाहिए। उनका मानना है कि स्थायी सुरक्षा व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक बढ़ेगा।
आस्था के केंद्र की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। ऐसे में UPSSF के पदों को स्थायी करने का निर्णय सुरक्षा व्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का संदेश साफ है कि राम मंदिर की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

