अहमदाबाद के महमूदपुरा इलाके में शनिवार दोपहर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में अब तक एक महिला समेत 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना जबरदस्त था कि उसकी आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि झोपड़ीनुमा ढांचे में चल रही फैक्ट्री पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। आसपास रहने वाले लोग भी दहशत में घरों से बाहर निकल आए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सबसे पहले राहत कार्य में जुट गए। इसके बाद दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल एलजी अस्पताल और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत अब भी बेहद गंभीर बनी हुई है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह पटाखा फैक्ट्री अहमदाबाद के आरएएफ कैंप के पीछे महमूदपुरा इलाके में अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री का संचालन मेहुल डोडिया नामक व्यक्ति कर रहा था। हैरानी की बात यह है कि इस इकाई का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, इसके बावजूद यहां पटाखों का निर्माण जारी था।
अहमदाबाद के महापौर हितेश बारोट और नगर निगम आयुक्त बच्छानिधि पानी ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने कहा कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और मलबे की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई और व्यक्ति फंसा न हो।
संयुक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह ने बताया कि फैक्ट्री बिना वैध अनुमति के संचालित हो रही थी। हादसे के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ गैर इरादतन मानव वध सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
चीफ फायर ऑफिसर अमित डोगरे ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गई थीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। शुरुआती जांच में आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, हालांकि विशेषज्ञ टीम विस्फोट और आग की वजह की विस्तृत जांच कर रही है।
इस दर्दनाक हादसे पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
यह हादसा एक बार फिर अवैध पटाखा फैक्ट्रियों के संचालन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते ऐसी अवैध इकाइयों पर प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो शायद कई परिवार अपने प्रियजनों को नहीं खोते। अब सभी की निगाहें जांच पर टिकी हैं कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई होती है।

