बदायूँ। भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूँ के कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग द्वारा ‘नशा मुक्त भारत’ विषय पर पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप मदेरणा के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा युवाओं में स्वस्थ एवं नशा-मुक्त जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था।

प्रतियोगिता में बी.एससी. नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने ड्रग्स, तंबाकू, शराब तथा अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों, उनकी रोकथाम, पुनर्वास एवं नशा-मुक्त समाज के महत्व को दर्शाते हुए आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक पोस्टर प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना पोस्टरों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग के प्राचार्य प्रो. डॉ. श्रीनिवासन गांधी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से ही नशा-मुक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इस जन-जागरूकता अभियान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का आह्वान किया।

निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के पोस्टरों में प्रदर्शित मौलिकता, रचनात्मकता, वैज्ञानिक तथ्यों एवं प्रभावशाली संदेशों की सराहना की।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—
प्रथम पुरस्कार: आस्था शर्मा (बी.एससी. नर्सिंग प्रथम सेमेस्टर)
द्वितीय पुरस्कार: अपर्णा दीक्षित (बी.एससी. नर्सिंग प्रथम सेमेस्टर)
तृतीय पुरस्कार: माधुरी चौरसिया (बी.एससी. नर्सिंग प्रथम सेमेस्टर)
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों, फैकल्टी सदस्यों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। यह प्रतियोगिता न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनी, बल्कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के राष्ट्रीय उद्देश्य को सशक्त बनाने की दिशा में राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूँ की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

