बदायूँ। नवादा क्षेत्र स्थित परवेज कोल्ड स्टोर में तापमान व्यवस्था में कथित लापरवाही के चलते किसानों की भंडारित आलू की फसल खराब होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में क्षेत्र के किसानों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, खराब हुई उपज का उचित मुआवजा दिलाने और कोल्ड स्टोर की तापमान व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है। 29 सितंबर 2026 को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, किसानों का कहना है कि उन्होंने परवेज कोल्ड स्टोर में अपनी आलू की उपज भंडारित कराई थी और इसके लिए प्रति कट्टा 130 रुपये किराया लिया गया था।
किसानों का आरोप है कि कोल्ड स्टोर में गैस खत्म होने तथा तापमान व्यवस्था में कथित लापरवाही के कारण भंडारित आलू की गुणवत्ता प्रभावित हुई। प्रार्थना पत्र में हुजूर अहमद और इब्ने हसन के करीब 2,000 कट्टे शुगर-फ्री आलू में से लगभग 1,000 कट्टे आलू पूरी तरह खराब होने का दावा किया गया है। किसानों के मुताबिक खराब हुई उपज के कारण बाजार में आलू की कीमत भी प्रभावित हुई और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि वर्तमान में करीब 150 किसानों का आलू उक्त कोल्ड स्टोर में भंडारित है और यदि तापमान व्यवस्था को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया तो अगले 10-12 दिनों में शेष आलू के भी खराब होने की आशंका है। किसानों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी उपज बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं
तो कोल्ड स्टोर प्रबंधन की ओर से कथित तौर पर आलू निकालने में सहयोग नहीं किया जा रहा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। किसानों ने जिलाधिकारी से कोल्ड स्टोर की तापमान व्यवस्था और भंडारित आलू की स्थिति की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने, कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने, खराब हुई उपज का उचित मुआवजा दिलाने तथा शेष आलू को खराब होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। अब मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आलू खराब होने के पीछे वास्तविक कारण क्या रहे और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

