एचपी इंटरनेशनल स्कूल में यादगार रहा जयंती समारोह, न्यायाधीश ने समझाया पॉक्सो कानून 2012

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बदायूँ। एचपी इंटरनेशनल स्कूल बदायूँ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा, देशभक्ति और जागरूकता के संदेश के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषि कुमार रहे। सबसे पहले महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई, इसके बाद ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान हुआ। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने दांडी मार्च निकालकर गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और आत्मअनुशासन के संदेश को जीवंत किया। वहीं बच्चों को बताया गया कि गांधी जी का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि सत्य बोलने, अन्याय का शांतिपूर्ण विरोध करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा है। विद्यार्थियों को लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, अनुशासन और देशहित के प्रति समर्पण से भी परिचित कराया गया। बच्चों को उनके प्रसिद्ध आह्वान “जय जवान, जय किसान” के माध्यम से देश की सुरक्षा और अन्नदाता के महत्व को समझाया गया।

समारोह का एक महत्वपूर्ण और विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी हिस्सा पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता कार्यक्रम रहा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषि कुमार ने बच्चों को समझाया कि पीओसीएसओ यानी लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया कानून है। यह अधिनियम 19 जून 2012 को अधिनियमित हुआ और 14 नवंबर 2012 से लागू किया गया। कानून में बच्चों के खिलाफ लैंगिक हमला, लैंगिक उत्पीड़न और बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री जैसे अपराधों के लिए प्रावधान किए गए हैं तथा ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की व्यवस्था भी की गई है। न्यायाधीश ऋषि कुमार ने विद्यार्थियों को समझाया कि अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना, किसी असहज व्यवहार को नजरअंदाज न करना और जरूरत पड़ने पर माता-पिता, शिक्षक या जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “बच्चों को कानून से डरने की नहीं, अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।” पॉक्सो कानून 2012 बच्चों के हित और उनकी सुरक्षा को केंद्र में रखकर बनाया गया है तथा इसकी प्रक्रिया में बच्चे के हितों की रक्षा के लिए बाल-अनुकूल व्यवस्थाओं का भी प्रावधान है।

कार्यक्रम में विद्यालय के संस्थापक हर प्रसाद सिंह पटेल, प्रबंध निदेशक शिवम पटेल, निदेशिका डॉ. सेजल पटेल, प्रधानाचार्य सुनील साहनी, उप प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता एवं हेडमिस्ट्रेस निशा सिंगल सहित विद्यालय परिवार मौजूद रहा। प्रबंध निदेशक शिवम पटेल ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी किताबों में पढ़े इतिहास को अपने जीवन के मूल्यों से जोड़ें और साथ ही अपने अधिकारों व सुरक्षा के प्रति भी जागरूक रहें।” निदेशिका डॉ. सेजल पटेल ने कहा, “गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश तथा शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं।” प्रधानाचार्य सुनील साहनी ने कहा, “एक विद्यालय की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं है, बच्चों को सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना भी हमारी प्राथमिकता है।” इस तरह जयंती समारोह में देश के दो महान नेताओं के आदर्शों के साथ विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा और कानूनी जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश भी मिला।

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