मदर एथीना स्कूल में सीनियर बालक वर्ग की अंतर्सदनीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय का खेल मैदान खिलाड़ियों के जोश, शानदार खेल कौशल और दर्शकों की तालियों से गूंज उठा। चारों सदनों—सत्या, कर्मा, विवेका और शौर्या—के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को रोमांचक बना दिया। खिलाड़ियों ने बेहतरीन ड्रिबलिंग, सटीक पासिंग, मजबूत डिफेंस और शानदार गोलकीपिंग के जरिए दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

फाइनल में कर्मा और विवेका के बीच जोरदार मुकाबला
प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला कर्मा और विवेका सदन के बीच खेला गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने जीत के लिए मैदान पर पूरा दमखम लगाया और अंतिम सीटी तक मुकाबले में रोमांच बना रहा। शानदार प्रदर्शन के दम पर कर्मा सदन ने प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, जबकि विवेका सदन ने द्वितीय और सत्या सदन ने तृतीय स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों में जीत को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, वहीं साथी विद्यार्थियों ने तालियां बजाकर अपनी-अपनी टीमों का हौसला बढ़ाया।
खेल को बताया जीवन की पाठशाला

विद्यालय की निदेशिका चयनिका सारस्वत ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल का मैदान जीवन की सबसे बड़ी पाठशाला है। फुटबॉल केवल गोल करने का खेल नहीं, बल्कि यह विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, एकाग्रता, टीम भावना और एक-दूसरे पर विश्वास पैदा करता है। उन्होंने कहा कि जीत जहां विनम्रता सिखाती है, वहीं हार अपनी कमियों को पहचानकर और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा में विकसित करना है।

प्रतियोगिता के सफल संचालन में विद्यालय के खेल प्रशिक्षक ललित सिंह बजेठा का विशेष योगदान रहा। आयोजन के दौरान खिलाड़ियों में खेल भावना और प्रतिस्पर्धा का शानदार तालमेल देखने को मिला। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ टीमवर्क, अनुशासन और संघर्ष के महत्व का संदेश भी दिया।

