स्पोर्ट्स डेस्क। विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मजबूत मानी जा रही फ्रांस की टीम को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से ही खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस के स्टार खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अनुशासित रणनीति और बेहतरीन टीमवर्क के दम पर स्पेन ने पूरे मैच में अपना दबदबा कायम रखा और खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल कर लिया।
मैच का पहला गोल पहले हाफ के दौरान मिला, जब फ्रांस के डिफेंडर लुकास दीन्ये की गलती से स्पेन को पेनल्टी मिली। युवा स्टार लामिन यामाल को बॉक्स के भीतर टक्कर लगने पर रेफरी ने बिना देर किए पेनल्टी का इशारा किया। मिकेल ओयारज़ाबाल ने पूरे आत्मविश्वास के साथ गेंद को गोलपोस्ट के कोने में भेजते हुए स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद स्पेन ने अपनी लय बरकरार रखी और दूसरे हाफ में पेद्रो पोरो ने दानी ओल्मो के साथ शानदार तालमेल दिखाते हुए दूसरा गोल दागकर फ्रांस की वापसी की उम्मीदों पर लगभग विराम लगा दिया।
दूसरा गोल खाने के बाद फ्रांस के पास वापसी के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति और सटीक रणनीति के सामने उसकी एक नहीं चली। पूरे मुकाबले में फ्रांस के स्टार अटैकर्स प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। इस जीत के साथ स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अपना शानदार रिकॉर्ड भी कायम रखा है। अब तक टीम ने पूरे अभियान में केवल एक गोल ही खाया है, जो उसकी मजबूत डिफेंस और संतुलित खेल का सबसे बड़ा प्रमाण माना जा रहा है। अब रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में स्पेन की नजर विश्व कप ट्रॉफी पर होगी।

