बदायूँ जिला न्यायालय में सुरक्षा अलर्ट! संदिग्ध सूचना से मचा हड़कंप, घंटों तक चली बम स्क्वॉड और पुलिस की सघन तलाशी

Share on Social Plateforms

बदायूँ। मंगलवार को बदायूँ जिला न्यायालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक संदिग्ध सूचना के बाद पूरे कोर्ट परिसर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। देखते ही देखते पुलिस प्रशासन, बम निरोधक दस्ता (BDS) और तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई। कुछ ही देर में न्यायालय परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया, जिससे वकीलों, कर्मचारियों और वादकारियों के बीच हलचल मच गई।

सूत्रों के अनुसार, न्यायालय परिसर को लेकर एक संदिग्ध सूचना मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था तत्काल कड़ी कर दी गई। इस दौरान परिसर में आने-जाने वालों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई और सुरक्षा एजेंसियों ने हर संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की। हालांकि प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर सूचना की प्रकृति का खुलासा नहीं किया है।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि न्यायालय को ई-मेल के माध्यम से धमकी मिलने की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं। हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की पुष्टि करने से इनकार किया। उनका कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से समय-समय पर इस प्रकार के सघन जांच अभियान चलाए जाते हैं और इसी प्रक्रिया के तहत तलाशी अभियान संचालित किया गया।

तलाशी अभियान के दौरान न्यायालय परिसर के विभिन्न भवनों, अदालत कक्षों, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग स्थल और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई। बम निरोधक दस्ता आधुनिक उपकरणों की सहायता से हर संवेदनशील स्थान की जांच करता रहा, जबकि तकनीकी टीम ने भी सुरक्षा मानकों के अनुसार अपनी प्रक्रिया पूरी की।

जांच के दौरान पुलिस ने पूरे परिसर में सुरक्षा घेरा बनाकर आम लोगों की आवाजाही को नियंत्रित रखा। कुछ समय के लिए न्यायालय परिसर में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में उत्सुकता और चिंता दोनों का माहौल देखने को मिला। हालांकि न्यायिक कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए भी प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएं कीं।

घंटों तक चली इस कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक सामग्री या आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। जांच पूरी होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली और स्थिति को पूरी तरह सामान्य बताया। इसके बाद न्यायालय परिसर में गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहीं।

अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा से जुड़ी किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लिया जाता। ऐसे मामलों में प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। इसलिए सूचना की सत्यता चाहे जो भी हो, हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाती है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने से बचें और यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें।

बदायूँ जिला न्यायालय जैसे संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ही विशेष सतर्कता बरत रहा है। समय-समय पर सुरक्षा समीक्षा, मॉक ड्रिल और जांच अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

फिलहाल राहत की बात यह रही कि घंटों चली गहन तलाशी के बावजूद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए पूरी मुस्तैदी के साथ कार्रवाई कर रही हैं, ताकि न्यायालय परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *