नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पुरुष वनडे और टी-20 वर्ल्ड कप के प्रारूप में बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। एडिनबर्ग में आयोजित वार्षिक आम बैठक (AGM) के बाद नए फॉर्मेट की घोषणा की गई। अब वनडे वर्ल्ड कप में पहली बार ‘सुपर-7’ और टी-20 वर्ल्ड कप में ‘सुपर-10’ चरण देखने को मिलेगा। ICC का मानना है कि नए प्रारूप से टूर्नामेंट अधिक प्रतिस्पर्धी, रोमांचक और संतुलित बनेगा।
वनडे वर्ल्ड कप में 14 टीमें ही हिस्सा लेंगी, लेकिन अब प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित होगी। पहले चरण में रैंकिंग की 12वीं, 13वीं और 14वीं टीमों के बीच ‘सुपर सीरीज’ खेली जाएगी, जिसमें शीर्ष टीम अगले दौर में पहुंचेगी। इसके बाद दो ग्रुप में छह-छह टीमें मुकाबला करेंगी। दोनों ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें और सातवें स्थान की सर्वश्रेष्ठ टीम ‘सुपर-7’ चरण में पहुंचेगी, जहां सभी टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगी। इसके बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल और फिर फाइनल खेलेंगी।
टी-20 वर्ल्ड कप के प्रारूप में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब ग्रुप स्टेज में चार-चार टीमों के पांच ग्रुप होंगे। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी, जिससे कुल 10 टीमें ‘सुपर-10’ चरण में खेलेंगी। सुपर-10 में दो ग्रुप बनाए जाएंगे और दोनों ग्रुप की शीर्ष टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी, जबकि बाकी दो स्थानों के लिए नए एलिमिनेटर मुकाबले खेले जाएंगे। इससे नॉकआउट चरण और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।
ICC ने इसके साथ ही 2028 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए नया क्वालिफिकेशन ढांचा भी मंजूर किया है। परिषद का कहना है कि नए सिस्टम से उभरती क्रिकेट टीमों को बेहतर अवसर मिलेंगे और वैश्विक स्तर पर प्रतियोगिता का दायरा और मजबूत होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से बड़े मुकाबलों की संख्या बढ़ेगी और हर मैच का महत्व पहले से अधिक हो जाएगा।
ICC के इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में नई चर्चा शुरू हो गई है। नए प्रारूप से जहां दर्शकों को ज्यादा रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे, वहीं टीमों के लिए सेमीफाइनल तक पहुंचने की राह भी पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण होगी। अब सभी की निगाहें आगामी वर्ल्ड कप पर टिकी हैं, जहां पहली बार इन नए नियमों के तहत क्रिकेट का नया रोमांच देखने को मिलेगा

