उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक निजी अस्पताल में कार्यरत नर्स की कथित तौर पर जहरीला इंजेक्शन देकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने अस्पताल के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी शादी के दबाव से छुटकारा पाने के लिए कई दिनों से वारदात की योजना बना रहा था।
मृतका की पहचान खरखौदा क्षेत्र की रहने वाली नेहा के रूप में हुई है, जो मेरठ के एक निजी अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत थी। पुलिस के मुताबिक, नेहा की अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी सुरेश से करीब आठ महीने पहले पहचान हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में प्रेम संबंध स्थापित हो गए।
जांच में सामने आया है कि पिछले करीब तीन महीनों से नेहा, सुरेश पर शादी करने का दबाव बना रही थी। पुलिस के अनुसार, सुरेश पहले से शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। ऐसे में वह नेहा से संबंध समाप्त करना चाहता था, लेकिन कथित तौर पर नेहा लगातार शादी की मांग कर रही थी।
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने इस स्थिति से बचने के लिए हत्या की साजिश रची। आरोप है कि वह करीब पांच दिनों से जहरीला इंजेक्शन अपने साथ लेकर घूम रहा था और अस्पताल में सही मौके की तलाश कर रहा था ताकि किसी को शक न हो।
शनिवार को जब नेहा ने कमजोरी महसूस होने की बात कही, तब आरोपी ने उसे ड्रिप लगाने की पेशकश की। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसने कथित रूप से जहरीला इंजेक्शन ड्रिप में मिला दिया। उस समय ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में आरोपी के साथ अस्पताल का एक अन्य कर्मचारी फरमान भी मौजूद था, जिस पर वारदात में सहयोग करने का आरोप है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इंजेक्शन लगाने के कुछ समय बाद नेहा की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में आरोपी सुरेश दस्ताने पहनकर ओटी से बाहर निकलता दिखाई दिया। इसके अलावा वह अस्पताल के डस्टबिन में कुछ सामान फेंकता भी नजर आया, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।
पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुरेश और फरमान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया इंजेक्शन भी बरामद कर लिया गया है। मामले में फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि मौत के वास्तविक कारण की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके।
पुलिस ने बताया कि मामले में हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि हत्या की साजिश कितने समय से बनाई जा रही थी तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
फिलहाल यह जानकारी पुलिस की प्रारंभिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सामने आई है। मामले की विवेचना जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों तथा फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा।

