नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने मंत्री को मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। CJP का दावा है कि बातचीत के लिए सरकार की ओर से पहल की गई।
बैठक के बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने जेपी नड्डा के समक्ष छात्रों की समस्याओं और आंदोलन की पृष्ठभूमि को विस्तार से रखा। उनके अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उचित स्तर पर चर्चा का भरोसा दिया, हालांकि किसी मांग पर तत्काल निर्णय या औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या पद से हटाए जाने की मांग, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा किए जाने तथा कथित रूप से आत्महत्या करने वाले नीट छात्र के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल है।
इस बीच, सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। वहीं CJP ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका शांतिपूर्ण आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
फिलहाल सरकार की ओर से इन मांगों पर कोई आधिकारिक निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार छात्रों की मांगों और CJP द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाती है।

