बदायूं, 21 जुलाई। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह से ही मालवीय आवास गृह परिसर में बड़ी संख्या में किसान एकत्र होने लगे और बाद में जुलूस के रूप में डीएम कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपने की मांग को लेकर किसान डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। लगातार हो रही बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी जगह से नहीं हटे।
स्थिति उस समय और गर्मा गई जब किसानों ने एसडीएम सदर को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। एडीएम प्रशासन ने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी जिला अधिकारी से ही ज्ञापन लेने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक चली बातचीत और नोकझोंक के बाद जिला अधिकारी स्वयं अपने कार्यालय से बाहर आए और किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।
सभा को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि किसान लंबे समय से समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने, बिजली संशोधन विधेयक वापस लेने तथा कृषि से जुड़े अन्य मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों की आवाज सुनी जानी चाहिए।

जिला अध्यक्ष रमाशंकर शंखधार ने स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि जिले में किसान तहसील और राजस्व संबंधी कार्यों, फार्मर रजिस्ट्री, भूमि अभिलेखों में कथित गड़बड़ियों तथा अन्य प्रशासनिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से किसानों की शिकायतों का शीघ्र समाधान करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो संगठन आगे और बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के निर्देश मिलने पर बदायूं के किसान दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन में भी भाग लेंगे।
प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी भारी बारिश के बावजूद अंत तक डटे रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष ठाकुर अजय पाल सिंह, नाथू सिंह यादव, अर्जुन सिंह, पप्पू सैफी, चंद्र मोहन वर्मा, हारून गौश, राजेश्वर सिंह, महिपाल सिंह यादव, भूपेंद्र सिंह, सुनील शर्मा, चौधरी ऋषभ सिंह, अमरपाल यादव सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे प्रदर्शन के दौरान संगठन ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया।

