उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 17 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, छात्रा के भाई ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन अपने दो नाबालिग मुस्लिम दोस्तों के साथ इज्जतनगर स्थित ब्लू डायमंड कैफे गई थी, जहां दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने पर कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कैफे पहुंच गए, जहां हंगामा हुआ और छात्रा का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
पीड़िता के भाई का कहना है कि वायरल वीडियो के कारण उसकी बहन मानसिक तनाव में आ गई थी। परिवार ने उसे भरोसा दिलाया था कि अगले दिन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी, लेकिन इससे पहले ही उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, जहां छात्रा का शव फंदे से लटका मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा के भाई की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमे में दोनों नाबालिग लड़कों के अलावा उनके एक दोस्त, ब्लू डायमंड कैफे के संचालक तथा हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल से जुड़े कुछ लोगों को भी नामजद किया गया है। आरोप है कि वीडियो वायरल किए जाने से छात्रा पर मानसिक दबाव बढ़ा।
जांच में यह भी सामने आया है कि ब्लू डायमंड कैफे में झोपड़ीनुमा निजी केबिन बने हुए हैं, जहां लोग पार्टी या बैठने के लिए जाते हैं। हालांकि वहां ठहरने की व्यवस्था नहीं है, लेकिन संबंधित केबिन के दरवाजे अंदर से बंद किए जा सकते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के समय कैफे में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के क्या इंतजाम थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वायरल वीडियो और संबंधित लोगों के बयान जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने अपील की है कि मामले से जुड़े अपुष्ट वीडियो या भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें और जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचें।

