मदर एथीना स्कूल में हिंदी सप्ताह का भव्य समापन, ‘ईदगाह’ और ‘काबुलीवाला’ के मंचन ने मोहा मन

Share on Social Plateforms

बदायूं। हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और भावनाओं से जोड़ने वाली पहचान है—इसी संदेश के साथ मदर एथीना स्कूल में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष ‘हिंदी सप्ताह’ का भव्य समापन हुआ। सप्ताहभर चले साहित्यिक और भाषाई कार्यक्रमों की अंतिम कड़ी में विद्यार्थियों ने शानदार लघु नाटिकाओं का मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कक्षा-7 के चारों वर्गों के विद्यार्थियों ने ‘ईदगाह’, ‘भामाशाह का त्याग’, ‘काबुलीवाला’ और ‘डाकघर’ जैसी प्रसिद्ध रचनाओं पर आधारित नाटिकाओं के जरिए हिंदी भाषा के महत्व, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

बच्चों की शानदार संवाद अदायगी, स्पष्ट उच्चारण, अभिनय और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम को खास बना दिया और दर्शक भावविभोर नजर आए। हिंदी सप्ताह के दौरान कविता वाचन, निबंध लेखन, नारा लेखन, पॉडकास्ट और भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका चयनिका सारस्वत ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि भाषा किसी भी सभ्यता की पहचान और अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम होती है। आधुनिकता के दौर में अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना बेहद जरूरी है और हिंदी इसके लिए एक मजबूत कड़ी है। उन्होंने कहा कि हिंदी सप्ताह का उद्देश्य विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति प्रेम, गर्व और सही भाषा शैली का विकास करना है। विद्यार्थियों ने जिस समर्पण और उत्साह के साथ नाटिकाओं एवं अन्य गतिविधियों में भाग लिया, वह सराहनीय है। समारोह ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा में साहित्य और संस्कृति का रंग जुड़ता है, तो बच्चों की प्रतिभा भी मंच पर खिल उठती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *