संभल में पिछले शिवरात्रि के दौरान बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने और शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद चर्चा में आईं तमन्ना मलिक एक बार फिर प्रशासन की निगरानी में हैं। सावन के दौरान उनके दोबारा कांवड़ यात्रा निकालने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को एसडीएम कोर्ट की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें पाबंद करने की कार्रवाई क्यों न की जाए।
प्रशासन की ओर से दोनों के खिलाफ 20-20 हजार रुपये के मुचलके से पाबंद करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम किसी धार्मिक आस्था या पूजा-अर्चना के अधिकार को लेकर नहीं, बल्कि संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उठाया गया है।
दरअसल, तमन्ना मलिक उस समय चर्चा में आई थीं, जब बीती शिवरात्रि पर उन्होंने बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लाने और शिवालय में जलाभिषेक करने का दावा किया था। इस घटनाक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे।
वीडियो सामने आने के बाद तमन्ना मलिक को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कुछ लोगों ने उनके कदम का समर्थन किया, जबकि कुछ लोगों ने इसे लेकर सवाल भी उठाए। इसी घटनाक्रम के बाद मामला प्रशासन और पुलिस की निगरानी में आया था।
तमन्ना मलिक ने बाद में सोशल मीडिया के जरिए धमकियां मिलने का आरोप लगाया था और इस संबंध में पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की बात भी सामने आई थी। ऐसे में प्रशासन इस बार सावन के दौरान किसी भी संभावित विवाद को लेकर पहले से सतर्क नजर आ रहा है।
एसडीएम कोर्ट से जारी नोटिस में दंपति से जवाब मांगा गया है। प्रशासन का मानना है कि पिछले घटनाक्रम और कांवड़ यात्रा में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए किसी भी संवेदनशील स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
संभल में सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले ही मजबूत की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, भीड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी और स्थानीय गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था की जा रही है।
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली पोस्ट और वीडियो पर भी प्रशासन की नजर है, ताकि किसी भ्रामक या विवादित सामग्री के कारण माहौल खराब न हो। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
फिलहाल तमन्ना मलिक और उनके पति को जारी नोटिस के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि दंपति प्रशासन के नोटिस पर क्या जवाब देते हैं और सावन में प्रस्तावित कांवड़ यात्रा को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है।

