बदायूँ। राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूँ के एनाटमी विभाग में बुधवार, 9 सितंबर 2026 को एक प्रेरणादायक पहल सामने आई, जब बाबा कॉलोनी निवासी 33 वर्षीय सरोज पत्नी गौरव सिंह ने मृत्यु के बाद देहदान करने का संकल्प लिया।
सरोज ने यह निर्णय स्वेच्छा और स्वयं की प्रेरणा से लिया। उनके इस संकल्प को समाज में जागरूकता और मानवीय सेवा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एनाटमी विभाग में उनके देहदान का विधिवत पंजीकरण कराया गया। विभाग की ओर से उन्हें देहदान से संबंधित आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
इस दौरान सरोज से देहदान का संकल्प पत्र भरवाया गया और उन्हें बताया गया कि मृत्यु के बाद देहदान चिकित्सा शिक्षा एवं भावी चिकित्सकों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
एनाटमी विभागाध्यक्ष डा. मुकत्याज हुसैन तथा लैब टेक्नीशियन/बॉडी इन्जेक्टर प्रमोद कुमार ने पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराई।
विभागाध्यक्ष डा. मुकत्याज हुसैन ने सरोज को देहदान संकल्प का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उनके इस सराहनीय निर्णय की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि देहदान का संकल्प समाज में जागरूकता फैलाने के साथ चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। सरोज का यह कदम अन्य लोगों को भी प्रेरित कर सकता है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. शिव कुमार और उप-प्रधानाचार्या डा. नेहा सिंह ने भी सरोज के इस उत्कर्ष कार्य की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर एनाटमी विभाग के डा. ऋषभ सिंह, डा. अर्जित आर्य, डा. इतिशा चौधरी, सत्वीर सिंह, टिंकू कश्यप, रूबी गुप्ता, राकेश पाल और अशोक कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
सरोज का यह निर्णय न केवल मानवीय सेवा की मिसाल है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। उनकी पहल समाज में देहदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में प्रेरणादायक संदेश देती है।

